Sunday, April 21, 2024

प्रतिज्ञा चौहान के बारे में एक शब्द

प्रतिज्ञा चौहान के बारे में अगर बात करें तो सिर्फ बात ही होगी । प्रत्येक विषय पर मजबूत पकड़ एक बार मे ही समझने की क्षमता रखने वाली बिना स्थाई सेंटर के


600 में 577 अंक प्राप्त कर प्रतिज्ञा चौहान यूपी में 14वीं  रैंक लाकर असली टॉपर बनी हुई है,क्योंकि किसी दूसरे कॉलेज में पेपर देने जाना वो भी किसी गवर्मेट इंटर कॉलेज में एक अपने आप में चुनौती पूर्ण होता है। प्रतिज्ञा चौहान ने अपने साहस को दिखाते हुए आज यह मुकाम हासिल किया है।आज इसे देखकर कितने मां बाप सोच रहे होंगे कि काश मेरी बेटी भी ऐसे ही मेरा सिर गर्व से ऊंचा करती। ईश्वर सबको सबसे सच्ची सबसे अच्छी बेटी सबको दे इस बेटी के

 उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

Mahendra Kumar Shastri memorial inter College Rampur Mathura Sitapur 

यूपी टॉपर के बारे में एक शब्द

एक सामान्य चेहरा। मूंछ की रेखा, गुंथी हुई चोटी। जब यह पढ़ने जाती होगी तो सहपाठी रंग रूप पर मजाक भी उड़ाते होंगे। लेकिन यह एकाग्रचित होकर अपने अंतर्मन को संवार रही थी। 600 में 591 अंक प्राप्त कर प्राची निगम यूपी की असली हिरोइन बनी हुई है। आज इसे देखकर कितने मां बाप सोच रहे होंगे कि काश मेरी बेटी भी ऐसे ही मेरा सिर गर्व से ऊंचा करती। ईश्वर सबको सबसे सच्ची सबसे अच्छी बेटी सबको दे इस बेटी के
 उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ


 

Wednesday, November 8, 2023

बटुकेश्वर दत्त

                      बटुकेश्वर दत्त


बटुकेश्वर दत्त का जन्म 18 नवंबर, 1910 को पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में हुआ था।

⬧ उन्होंने थियोसोफ़िल हाई स्कूल में अध्ययन किया और पृथ्वीनाथ कॉलेज, कानपुर से स्नातक किया था।

⬧ बटुकेश्वर दत्त कॉलेज के दिनों में, शहीद भगत सिंह के संपर्क में आए और उनसे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित हुए थे। वह ‘नौजवान भारत सभा’ के सदस्य भी थे।

⬧ बटुकेश्वर दत्त ने भगत सिंह के साथ मिलकर दिल्ली की केंद्रीय विधानसभा के खाली स्थान पर दो हस्तनिर्मित बम फेंके। उन्होंने “इंकलाब जिंदाबाद” के नारे लगाए और दर्शक दीर्घा से पर्चे बरसाए।

⬧ बम विस्फोट का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुँचाना नहीं था, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने, नागरिक स्वतंत्रता और श्रमिकों के अधिकारों को कम करने वाले दमनकारी विधेयकों के विरुद्ध शक्तिशाली विरोध का प्रदर्शन करना था। उनके अपने शब्दों में “यदि बधिरों को सुनाना है, तो आवाज बहुत तेज होनी चाहिए”।

⬧ इस प्रतिष्ठित जोड़ी को उसी दिन गिरफ़्तार कर लिया गया। उन्होंने बचने का कोई प्रयास नहीं किया क्योंकि वे चाहते थे कि उनकी आवाज सुनी जाए।

⬧ जेल में कैदियों के बेहतर जीवन स्तर के लिए दत्त ने भगत सिंह के साथ भूख हड़ताल की।

⬧ दत्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और उन्हें अंडमान सेलुलर जेल भेज दिया गया। अंडमान में, दत्त ने राजनीतिक कैदियों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी और अधिकारियों द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार के विरोध में भूख हड़तालों में भाग लिया। बाद में, दत्त को हज़ारीबाग जेल, दिल्ली जेल और पटना जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।

⬧ दत्त को 1938 में पटना जेल से रिहा किया गया।

⬧ उन्होंने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में गाँधीजी का साथ दिया। उन्हें फ़िर से गिरफ़्तार कर लिया गया और चार साल के लिए कैद कर दिया गया।

⬧ आज़ादी के बाद, 1947 में जेल से रिहा होने के बाद वे पटना चले गए। दत्त ने इसके बाद सक्रिय राजनीतिक जीवन से संन्यास ले लिया लेकिन लेख लिखना जारी रखा।

⬧ दत्त का निधन 20 जुलाई, 1965 को दिल्ली में हुआ था।

Thursday, September 14, 2023

सिद्ध करो कि 1=2

मान लीजिए  a  और  b  कोई दो संख्याएं हैं जो आपस में बराबर हैं। इसलिए


a=b 


अब दोनों तरफ  b  से गुणा कीजिए।


a×b=b×b 


ab=b²


अब दोनों तरफ  a² घटाइए।


ab−a²=b²−a² 


इसे इस तरह भी लिख सकते हैं।


a×(b−a)=(b−a)×(b+a) 


इसलिए  a=(b−a)/(b−a)×(b+a) 


इसलिए  a=b+a 


लेकिन हम जानते हैं कि  a  और  b  आपस में बराबर हैं।


इसलिए  a=a+a 


इसलिए  a=2a 


इसलिए  1=2  सिद्ध हुआ।



Friday, June 23, 2023

संखाओं का जादुई योगफल

संख्याओं के जादुई योग का नया तरीका यह है कि अगर लगातार 10 संख्याएं 2 डिजिट की है। तो उनका योगफल निम्न प्रकार किया जाता है- 20+21+22+23+24+25+26+27+28+29=245 30+31+32+33+34+35+36+37+38+39=345 इस संख्याओं को जोड़ने के लिए सबसे छोटी संख्या में चार जोड़कर उसके पास में 5 लिख देते हैं और वह हमारा उत्तर हो जाता है या यह कह सकते हैं कि सबसे छोटी संख्या में 4 जोड़ देते हैं तथा उसके दाहिनी तरफ 5 इकाई के स्थान पर लिख देते हैं और वह हमारा उत्तर हो जाता है। Example- 40+41+42+43+44+45+46+47+48+49= a)40+4=44 b)445 [Answer]

Monday, June 12, 2023

हिंदी के कुछ महत्त्वपूर्ण टॉपिक😊😊👍

नामधातु क्रिया:- वह क्रिया जो संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण शब्दों में प्रत्यय जोड़कर बनाई जाती है। जैसे- हाथ से हथियाना, शर्म से शरमाना आदि। तात्कालिक क्रिया:- यह मुख्य क्रिया से पहले संपन्न होती है लेकिन इसमें और मुख्य क्रिया में समय का अंतर नहीं होता है। केवल क्रम का अंतर होता है। जैसे- वह आते ही सो गयी। द्विकर्मक क्रिया:- जिस सकर्मक क्रिया का अर्थ स्पष्ट करने के लिए वाक्य में दो कर्म प्रयुक्त होते हैं, उसे द्विकर्मक क्रिया कहते हैं। जैसे-शिक्षक ने विद्यार्थी को पुस्तक दी

**शीर्षक: आज का युवा: संभावनाओं के आसमान में उलझनों के बादल**

आज के दौर में जब हम 'युवा' शब्द सुनते हैं, तो दिमाग में ऊर्जा, तकनीक, और कुछ नया कर गुजरने का जज्बा आता है। आज की जनरेशन (Gen Z और M...