Tuesday, January 13, 2026

पुराने समय में एक औसत को सती कैसे बनाते थे लोग।

पति की मृत्यु के बाद ही उसकी विधवा को एक कटोरा भांग और धतूरा पिलाकर नशे में मदहोश कर दिया जाता था। जब वह श्मशान की ओर जाती थी, कभी हँसती थी, कभी रोती थी और तो कभी रास्ते में जमीन पर लेटकर ही सोना चाहती थी और यही उसका सहमरण (सती) के लिए जाना था। इसके बाद उसे चिता पर बैठा कर कच्चे बांस की मचिया


बनाकर दबाकर रखा जाता था क्योंकि डर रहता था कि शायद दाह होने वाली नारी दाह की यंत्रणा न सह सके। चिता पर बहुत अधिक राल और घी डालकर इतना अधिक धुआँ कर दिया जाता था कि उस यंत्रणा को देखकर कोई डर न जाए और दुनिया भर के ढोल, करताल और शंख बजाए जाते थे कि कोई उसका चिल्लाना,रोना-धोना,अनुनय-विनय न सुनने पाए। बस यही तो था सहमरण......" सतीप्रथा । सतीप्रथा से छुटकारा दिलाने वाले लोर्ड विलियम बेन्टीक और राजा राममोहन राय को सलाम!



Friday, January 2, 2026

पिता का प्रेम अपने बच्चों के लिए


 परिवार से दूर रहने का दर्द सिर्फ एक पिता ही समझ सकता है! 🥺❤️


रोजी-रोटी कमाने के लिए इंसान को क्या-क्या नहीं छोड़ना पड़ता। यह पिता सालों बाद विदेश (Abroad) से अपने घर लौटा, तो देखा कि उसकी नन्ही परी गहरी नींद में सो रही है।


उसने अपनी बेटी को जगाकर उसकी नींद खराब नहीं की। बस चुपके से उसके बिस्तर को उसकी पसंदीदा चॉकलेट्स और स्नैक्स से भर दिया और पास बैठकर उसे निहारने लगा।


सोचिए, जब वह बच्ची सोकर उठेगी और अपने पापा को सामने देखेगी, तो वह पल कितना अनमोल होगा! यह सरप्राइज बताता है कि दूर रहकर भी पिता का प्यार कभी कम नहीं होता।


उन सभी पिताओं को नमन जो अपने बच्चों की खुशी के लिए उनसे मीलों दूर रहते हैं। 🙌✈️

**शीर्षक: आज का युवा: संभावनाओं के आसमान में उलझनों के बादल**

आज के दौर में जब हम 'युवा' शब्द सुनते हैं, तो दिमाग में ऊर्जा, तकनीक, और कुछ नया कर गुजरने का जज्बा आता है। आज की जनरेशन (Gen Z और M...