Thursday, August 15, 2024
Saturday, June 1, 2024
ताज़ा और स्वादिष्ट दही बनाने की विधि।
जब मैं छोटी थी तब एक दिन मैंने सोचा कि क्यों न मैं घर पर ही ताज़ा और स्वादिष्ट दही जमाऊं | मैंने अपनी दादी से विधि पूछी और उन्होंने मुझे बताया कि दही जमाने के लिए फिटकरी का इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले, थोड़ी सी फिटकरी को दूध में ही घोलकर एक बार घुमाना चाहिए। फिर दूध को गर्म करना चाहिए, दूध गर्म होने पर, गैस बंद कर देना चाहिए और दूध को ठंडा होने देना चाहिए।
जब दूध थोड़ा ठंडा हो जाए, तो इसमें थोड़ा सा दही का जामन (starter culture) मिलाना चाहिए।
दूध के मिश्रण को एक बर्तन में डालकर ढक देना चाहिए और इसे किसी गर्म जगह पर रख देना चाहिए।
मैंने ध्यान से सारी बातें मानीं और काम शुरू कर दिया। मैंने फिटकरी को दूध में घोलकर एक बार घुमाया, फिर दूध को गर्म किया और ठंडा होने दिया।
जब दूध ठंडा हो गया, तो मैंने इसमें जामन मिलाया और मिश्रण को ढककर एक गर्म जगह पर रख दिया।
अगली सुबह, मैं उत्सुकता से दही देखने दौड़ी और खुशी से झूम उठी! दही गाढ़ा, सफ़ेद और बहुत स्वादिष्ट था।
मैंने अपनी दादी को दही दिखाया और वो भी मेरी तारीफ़ करती रहीं। मैं बहुत खुश थी कि मैंने अपनी पहली बार में ही इतना अच्छा दही जमा लिया था।
अगर आप भी घर पर दही जमाना चाहते हैं, तो मेरी यह ट्राई एंड टेस्टेड विधि ज़रूर आज़माएं। यह बहुत सरल और कारगर है। ध्यान रहे दूध गरम करने के पहले ही फिटकरी को सिर्फ एक बार घूमना है, ज्यादा घुमाने पर दूध फट सकता है |
Wednesday, May 8, 2024
नारी पर स्पेशल लेख।
अक्ल बाँटने लगे विधाता, लम्बी लगी कतारी ।
सभी आदमी खड़े हुए थे, कहीं नहीं थी नारी ।।
सभी नारियाँ कहाँ रह गयीं, था ये अचरज भारी ।
पता चला ब्यूटी पार्लर में, पहुँच गयीं थीं सारी ।।
मेकअप की थी गहन प्रक्रिया, एक एक पर भारी ।
बैठी थीं कुछ इन्तजार में, कब आयेगी बारी ।।
उधर विधाता ने पुरूषों में, अक्ल बाँट दी सारी ।
पार्लर से फुर्सत पा कर के, जब पहुँची सब नारी ।।
बोर्ड लगा था स्टॉक ख़त्म है, नहीं अक्ल अब बाकी ।
रोने लगी सभी महिलाएँ, नीन्द खुली ब्रह्मा की ।।
पूछा कैसा शोर हो रहा, ब्रह्मलोक के द्वारे ?
पता चला कि स्टॉक अक्ल का पुरुष ले गये सारे ।।
ब्रह्मा जी ने कहा देवियों, बहुत देर कर दी है।
जितनी भी थी अक्ल सभी वो, पुरुषों में भर दी है ।।
लगी चीखने महिलाएँ, ये कैसा न्याय तुम्हारा ?
कुछ भी करो, चाहिए हमको आधा भाग हमारा ।।
पुरुषों में शारीरिक बल है,हम ठहरी अबलाएँ ।
अक्ल हमारे लिए जरुरी, निज रक्षा कर पाएँ ।।
बहुत सोच दाढ़ी सहला कर, तब बोले ब्रह्मा जी ।
इक वरदान तुम्हे देता हूँ, हो जाओ अब राजी ।।
थोड़ी सी भी हँसी तुम्हारी, रहे पुरुष पर भारी ।
कितना भी वह अक्लमन्द हो, अक्ल जायेगी मारी ।।
एक बोली, क्या नहीं जानते ! स्त्री कैसी होती है ?
हँसने से ज्यादा महिलाएँ, बिना बात रोती हैं ।।
ब्रह्मा बोले यही कार्य तब, रोना भी कर देगा ।
औरत का रोना भी नर की, बुद्धि को हर लेगा ।।
इक बोली, हमको ना रोना, ना हँसना आता है ।
झगड़े में हैं सिद्धहस्त हम, झगड़ा ही भाता है ।।
ब्रह्मा बोले चलो मान ली, यह भी बात तुम्हारी ।
घर में जब भी झगड़ा होगा, होगी विजय तुम्हारी ।।
जग में अपनी पत्नी से जब कोई पति लड़ेगा ।
पछतायेगा, सिर ठोकेगा आखिर वही झुकेगा ।।
ब्रह्मा बोले सुनो ध्यान से, अन्तिम वचन हमारा ।
तीन शस्त्र अब तुम्हें दे दिये, पूरा न्याय हमारा ।।
इन अचूक शस्त्रों में भी, जो मानव नहीं फँसेगा ।
बड़ा विलक्षण जगतजयी ऐसा नर दुर्लभ होगा ।।
कहे कवि सब बड़े ध्यान से, सुन लो बात हमारी ।
बिना अक्ल के भी होती है, नर पर भारी नारी ।।
Sunday, April 21, 2024
प्रतिज्ञा चौहान के बारे में एक शब्द
प्रतिज्ञा चौहान के बारे में अगर बात करें तो सिर्फ बात ही होगी । प्रत्येक विषय पर मजबूत पकड़ एक बार मे ही समझने की क्षमता रखने वाली बिना स्थाई सेंटर के
600 में 577 अंक प्राप्त कर प्रतिज्ञा चौहान यूपी में 14वीं रैंक लाकर असली टॉपर बनी हुई है,क्योंकि किसी दूसरे कॉलेज में पेपर देने जाना वो भी किसी गवर्मेट इंटर कॉलेज में एक अपने आप में चुनौती पूर्ण होता है। प्रतिज्ञा चौहान ने अपने साहस को दिखाते हुए आज यह मुकाम हासिल किया है।आज इसे देखकर कितने मां बाप सोच रहे होंगे कि काश मेरी बेटी भी ऐसे ही मेरा सिर गर्व से ऊंचा करती। ईश्वर सबको सबसे सच्ची सबसे अच्छी बेटी सबको दे इस बेटी के
उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
Mahendra Kumar Shastri memorial inter College Rampur Mathura Sitapur
यूपी टॉपर के बारे में एक शब्द
Monday, April 8, 2024
Wednesday, January 17, 2024
**शीर्षक: आज का युवा: संभावनाओं के आसमान में उलझनों के बादल**
आज के दौर में जब हम 'युवा' शब्द सुनते हैं, तो दिमाग में ऊर्जा, तकनीक, और कुछ नया कर गुजरने का जज्बा आता है। आज की जनरेशन (Gen Z और M...
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सेवानिवृत्त मेजर जनरल, जो चलने-फिरने में असमर्थ थे, उन्हें घर के एक कमरे में फर्श पर गद्दा बिछाकर रखा गया था। नौकर को कहा गया कि उनकी पूरी ...











































































































