नामधातु क्रिया:-
वह क्रिया जो संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण शब्दों में प्रत्यय जोड़कर बनाई जाती है। जैसे- हाथ से हथियाना, शर्म से शरमाना आदि।
तात्कालिक क्रिया:-
यह मुख्य क्रिया से पहले संपन्न होती है लेकिन इसमें और मुख्य क्रिया में समय का अंतर नहीं होता है। केवल क्रम का अंतर होता है। जैसे- वह आते ही सो गयी।
द्विकर्मक क्रिया:-
जिस सकर्मक क्रिया का अर्थ स्पष्ट करने के लिए वाक्य में दो कर्म प्रयुक्त होते हैं, उसे द्विकर्मक क्रिया कहते हैं। जैसे-शिक्षक ने विद्यार्थी को पुस्तक दी
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